Website Last Updated on December 15, 2017      
Schemes - Women Empowerment
सामूहिक विवाहों हेतु अनुदान–
समाज में विवाहों पर अनावश्यकक व्येय की प्रवृति बढती जा रही है। सामूहिक विवाहों के आयोजन से इस पर नियंत्रण प्राप्ता करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्यह सरकार द्वारा इनका महत्वय स्वीसकार करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के प्रोत्सािहन हेतु वर्ष 1996 में सामूहिक विवाह अनुदान नियम बनाये गये। इन नियमों को और प्रभावी बनाये जाने हेतु राजस्थाजन सामूहिक विवाह नियमन एवं अनुदान नियम, 2009 दिनांक 20.01.10 से लागू किये गये है। इन नवीन नियम के मुख्यव बिन्दुम निम्ना नुसार है -
  • इन नियमों के अन्त0र्गत संस्थाे को सामूहिक विवाह आयोजन के लिए जिला कलेक्टमर/सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त0 करनी आवश्येक होगी।
  • इन नियमों के अन्त0र्गत राशि रूपये 6000/- प्रति जोडा अनुदान देय है जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रूपये रखी गई है।
  • अनुदान प्राप्ति के लिए सामूहिक विवाह आयोजन में जोडों की न्यू/नतम संख्याड 10 होनी अपेक्षित है और इस तरह एक सामूहिक विवाह में अधिकतम 166 जोडों को अनुदान दिया जा सकता है।
  • प्रति जोडा अनुदानित राशि में से 25 प्रतिशत राशि (वर्तमान में रूपये 1500/- संस्था को विवाह के आयोजन के रूप में देय होगी जबकि 78 प्रतिशत राशि (वर्तमान आधार पर रूपये 4500/-) नवविवाहित (वधु) के नाम से डाकघर या अधिसूचित राष्ट्री यकृत बैंक में न्यूहनतम तीन वर्ष की अवधि के लिए सावधि, जमा कराई जावेंगी।
  • इन नियमों में आयोजित किये जाने वाले सामूहिक विवाहों का पंजीकरण राजस्थागन विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्री करण अधिनियम, 2009 (2009 का राजस्थावन अधिनियम 16) के अन्तनर्गत अनिवार्य किया गया है।
उद्देश्य–
इस योजना का मुख्य उद्देश्य दहेज प्रथा एवं बाल विवाह को रोकना है। समूहिक विवाह आयोजनों को प्रोत्साहित करने तथा विवाहो पर होने वाले अनावश्यक व्यय को कम करने के उद्देश्य से सामूहिक विवाह अनुदान नियम, 1996 बनाये गये है। बाल विवाह रोकना तथा कमजोर आय वर्ग के दम्प​िायो को आर्थिक मदद/सम्बल प्रदान करने की दृष्टि से समय–समय पर नियमों में संशोधन किया गया है जिससे कि अधिक से अधिक संस्थायें तथा युवक/युवतियां प्रोत्साहित हों।
पात्रता–
यह अनुदान सामूहिक विवाह आयोजित करने वाले ऐसे संगठन, संस्थाओ को उपलब्ध है जो एक बार में एक साथ कम से कम 10 जोड़ो का सामूहिक विवाह आयोजित करते है। यह अनुदान केवल राजस्थान में आयोजित आयोजनों हेतु ही उपलब्ध है। विवाहित जोड़ो में लडकी की उम्र कम से कम 18 वर्ष एवं लडके की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी अनिवार्य है।
योजना की कार्य प्रणाली एवं देय अनुदान –
1. सामूहिक विवाह कराने वाली संस्था राजस्थान संस्था रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1998 (राजस्थान अधिनियम संख्या 28, 1958) के अन्तर्गत पंजीकृत होनी चाहिए।
2. सामूहिक विवाह में कम से कम 10 जोडे होने चाहिए।
3. सामूहिक विवाह आयोजन में सम्मिलित जोडो की संख्या के अनुसार प्रति जोड़ा 6000/– रूपये धनराशि देय है। प्रति जोड़ा अनुदान राशि में से 75 प्रतिशत राशि अर्थात रूपये 4500/– की राशि दुल्हन के नाम से पोस्ट आॅफिस या राष्ट्रीयकृत बैंक में 3 वर्ष के लिए सावधि जमा करायी जावेगी। शेष 25 प्रतिशत राशि अर्थात रूपये 1500/– आयोजनकर्ता संस्था को विवाह आयोजन अनुदान के रूप में देय हाेंगे।
4. इन नियमों के अन्तर्गत किसी संस्था को अनुदान की सीमा दस लाख रूपये है जिसमें अधिकतम 166 जोड़ें सम्मिलित किये जा सकते है।
5. अनुदान राशि की स्वीकृति जिला कलेक्टर द्वारा दी जाती है।
6. राशि का चैक जिला महिला विकास अभिकरण के माध्यम से देय है।
7. यह अनुदान राशि ड्राफट/चैक के माध्यम से आयेाजनकर्ता को आयोजन के उपरान्त देय होगी।
आवेदन –
1. पात्र संस्था सामूहिक विवाह नियम के प्रपत्र–‘अ’ में आवेदन तीन प्रतियों में जिला कलेक्टर को देगी। अनुदान चाहने वाली संस्था को आयोजन से कम से कम 15 दिवस पूर्व जिला कलेक्टर को आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ निम्न प्रपत्र/दस्तावेज संलग्न होना आवश्यक है।
2. प्रस्तावित जोड़ो की सूची सहित प्रस्ताव प्रस्तुत करना आवश्यक होता है।
3. संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा प्रस्ताव उपनिदेशक, महिला एवं बाल विकास को सत्यापन एवं अनुशंषा हेतु प्रेषित किये जाते है।
4. विवाह आयोजन के पश्चात् उपनिदेशक के द्वारा प्रस्तावों को सत्यापित कर अनुशंषा सहित जिला कलेक्टर को प्रस्तुत करना होगा।
5. विवाह हेतु प्रस्तावित जोड़ों में सम्मिलित लड़के/लड़की की उम्र की पुष्टि हेतु उनके जन्म प्रमाण पत्र के रूप में शैक्षणिक प्रमाण पत्र यथा बोर्ड प्रमाण पत्र/टी.सी. आदि जिसमे जन्म की तिथि का उल्लेख होना अपेक्षित है।
6. जिन लड़के/लड़कियों ने औपचारिक शिक्षा प्राप्त नही की हो तो उनके संबंध में रजिस्ट्रार, जन्म मृत्यु रजिस्ट्रीकरण से प्राप्त जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जा सकता है।
7. उक्त कोई दस्तावेज उपलब्ध नही हो तो फोटो पहचान पत्र/राशन कार्ड उम्र के साक्ष्य के रूप में आवेदन पत्र के साथ संलग्न किये जा सकते है।