Website Last Updated on December 15, 2017      
Schemes - Women Empowerment
किशोरी शक्ति योजना–

KSY Guidelines
भारत सरकार द्वारा सम्पोकषित योजनान्तसर्गत स्‍कूल ने जाने वाली/स्कूयल बीच में छोडने वाली 11-18 वर्ष की बालिकाओं को लाभान्वित किया जाता है।

किशोरी शक्ति योजना के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिये बालिका मंडल का गठन किया जाता है एवं इन मंडलों की बैठकों के दौरान बालिकाओं को स्व्च्छबता, गृह प्रबंध, पोषण, बाल अधिकार, महिलाओं के अधिकार एवं विभिन्नर विभागों की योजनाएं व कार्यक्रमों के प्रति समझ विकसित की जाती है तथा भ्रूण हत्याि, दहेज, बाल विवाह, लिंग-भेद आदि के विरूद्ध निर्णय लेने की क्षमता विकसित की जाती है। इसके अतिरिक्त‍ जो बालिकाएं स्कू ल नहीं जाती है। उन बालिकाओं को शिक्षा के विभिन्न। विकल्पोंा से जोडा जाकर सशक्तिकरण की मुख्यतधारा में लाया जाता है। आंगनबाडी केन्द्रों पर इन बालिकाओं का MCHN दिवस पर बालिकाओं का स्वा‍स्य्ला परीक्षण भी किया जाता है। पोषण एवं स्वारस्य्ओं शिक्षा, आयरण फौलिक एसिड गोली का वितरण भी सुनिश्चित किया जाता है। इन बालिकाओं को व्याावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
किशोरी बालिका मंडल परियोजना
राज्यी के उदयपुर संभाग में उदयपुर, डूंगरपुर, राजसंमद एवं चित्तौडडगढ में UNFPA के सहयोग से निम्नक ब्लॉभक्सप में 10-19 वर्ष की स्कू‍ल ने जाने वाली/स्कू ल बीच में छोड देने वाली किशोरी बालिकाओं के लिए किशोरी बालिका मंडल परियोजना संचालित की जा रही है।
क्र.सं. जिला नवीन चयनित खण्ड (वर्ष 2010 से) पूर्व चयनित खण्ड) (वर्ष 2008 से)
1 उदयपुर झाडोल एवं भीण्डर सलुम्बर एवं गोगुन्दा
2 चित्तौएडगढ कपासन एवं गंगरार बेंगु एवं भोपालसागर
3 डूंगरपुर बिच्छीुवाडा एवं सीमलवाडा आसपुर एवं सागवाडा
4 राजसंमद खमनोर एवं भीम कुभंलगढ एवं रेलमगरा
योजना का उद्देश्यर बालिका मंडलों के माध्य0म से स्कूहल न जाने वाली/स्कूकल छोडने वाली किशोरी बालिकाओं में जीवन कौशलों का विकास, प्रजनन स्वा।स्य् व उन्न त करना तथा उन्हेंो शिक्षा की औपचारिक/अनैपचारिक पद्धति से जोडना है।
किशोरी बालिकाओं के लिए देवनारायण योजना
राज्यी के गुर्जर बाहुल्यण क्षेत्र की 11-18 वर्ष की स्कू/ल न जाने वाली/स्कूेल बीच में छोड देने वाली किशोरी बालिकाओं के लिए अलवर, धौलपुर, झालावाड, करौली, सवाई माधोपुर जिलों के 13 ब्लॉ क थानागाजी, अलवर, बानसूर, राजगढ, बाडी, सैपउ, अकलेरा, झालरापाटन, खानपुर, सपोटरा, नादौती, खण्डाेर, सवाईमाधोपुर की 3-4 ग्राम पंचायतों की 12 आंगनबाडियों में 12 बालिका मंडल गठित कर प्रत्ये क मंडल की लगभग 60 बालिकाओं को लाभान्वित करने के लिए देवनारायण योजना का संचालन किया जा रहा है। राज्यल में कुल 156 बालिका मंडलों का गठन कर 9360 बालिकाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। बालिका मंडलों की बैठकों के दौरान बालिकाओं को स्वाकस्य्वि , शिक्षा, पोषण, गृह प्रबंधन वैधानिक प्रावधान, कुरीतियों के खिलाफ समझ विकसित की जाती है एवं महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों के बारे में अवगत कराया जाता है। देवनारायण योजनान्तंर्गत गतिविधियों का आयोजन किशोरी शक्ति योजना अनुसार ही किया जाता है। इसके अतिरिक्तं प्रत्येयक बालिका को स्वा स्य्र एवं स्वधच्छधता किट तथा प्रत्येेक बालिका मंडल को बालिका मंडल किट उपलब्धप करवाये जाते है।
सबला योजना
भारत सरकार द्वारा 19 नवम्बार, 2010 को ''राजीव गांधी किशोरी बालिका सशक्तिकरण योजना - सबला'' योजना देश के 200 जिलों में लागू की गई है। राजस्थावन में यह योजना 10 जिलों यथा बीकानेर, बाडमेर, बांसवाडा, भीलवाडा, डूंगरपुर, गंगानगर, जयपुर, जोधपुर, झालावाड एवं उदयपुर के 114 ब्लॉेक में क्रियरन्वित है। उक्तभ योजना का राजस्थाुन राज्यं में शुभारम्भप 24 जनवरी, 2011 को ''बालिका दिवस'' के अवसर पर माननीय मंत्री, मबावि द्वारा किया गया है। योजना 11 से 18 वर्ष की स्कू'ल न जाने वाली/स्कू,ल बीच में छोड देने वाली समस्तु बालिकाओं एवं 15 से 18 वर्ष की स्कूवल जाने वाली समस्ता बालिकाओं (पोषण प्रावधान हेतु) के लिये लागू की गई है।
उद्देश्य :-
• आत्म विश्वा:स एवं सशक्तिकरण हेतु किशोरियों को सक्षम बनाना।
• उनके पोषण एवं स्वावस्य्स स्तुर में सुधार करना।
• स्वा स्य्वा , सफाई, पोषण, किशोरी प्रजनन एवं यौन स्वाधस्य्ाल (A.R.S.H.) और परिवार एवं बाल देख-रेख के विषय में जागरूकता को बढावा देना।
• उनके घरेलू कौशलों, जीवन कौशलों का उन्नवयन करना एवं व्याावसायिक कौशलों हेतु उन्हेंक राष्ट्री य कौशल विकास कार्यक्रम के साथ जोडना।
• पढाई छोड चुकी किशोरियों को औपचारिक/अनौपचारिक शिक्षा की मुख्यवधारा से जोडना।
• प्राथमिक स्वा स्य् औ केन्द्र , सामुदायिक स्वा।स्य्तु केन्द्रे, डाकघर, बैंक, पुलिस स्टे शन आदि जैसी मौजूदा सार्वजनिक सेवाओं के बारे में सूचना/मार्गदर्शन प्रदान करना।
सेवाएं:-
1. पोषण प्रावधान
2. आयरण एवं फॉलिक एसिड अनूपुरण
3. स्वा स्य्ड जांच तथा रेफरल सेवाएं
4. पोषण एवं स्वाास्य्णे शिक्षा
5. परिवार कल्यााण, किशोरी प्रजनन एवं यौन स्वासस्य्ड , बाल देखरेख पद्धतियां एवं गृह प्रबन्ध.न पर मार्गदर्शन
6. जीवन कौशल शिक्षा तथा सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच
7. व्यावसायिक प्रशिक्षण

सबला योजना अन्तशर्गत आंगनबाडी केन्द्रों पर 15 से 25 बालिकाओं का समूह गठित किया जावेगा। 25 से अधिक संख्या होने पर तद्ानुसार अधिक समूह बनाये जायेगे। 7 से कम बालिकाएं होने पर समूह न गठित करके बालिकाओं को सीधा योजना से लाभान्वित किया जायेगा।

सबल योजना की यह विशेषता है कि इस योजनान्तंर्गत लाभान्वित की जानी सभी बालिकाओं के लिये गर्भवती/धात्री महिलाओं के बराबर सप्तािह में 6 दिन के लिये पोषण का प्रावधान किया जाना है। पोषण प्रावधान के लिये प्रति बालिका प्रति दिन 5 रूपये व्येय किये जाने का प्रावधान है। जिसकी 50 प्रतिशत राशि भारत सरकार एवं 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जायेगी।